सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी राज्य प्राधिकरण के तहत नौकरी को किसी विशेष समूह तक सीमित नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने कहा कि सरकारी नौकरी एक सार्वजनिक संपत्ति है और देश के हर नागरिक को इसके लिए आवेदन करने का अधिकार है।
शीर्ष न्यायालय ने यह भी जोड़ा कि नियुक्ति में सुरक्षा उपाय इसलिए हैं ताकि भर्ती प्रक्रिया में कोई पक्षपात या बाहरी प्रभाव न हो और पारदर्शिता बनीरहे
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