नई दिल्ली:
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चर्चित ‘मदर ऑफ ऑल डील’ यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर आज औपचारिक रूप से मुहर लग गई। यह समझौता दोनों पक्षों के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच नया अध्याय” बताते हुए भारत का सबसे बड़ा व्यापार समझौता करार दिया।
16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान इस ऐतिहासिक अवसर के बीच कुछ हल्का-फुल्का पल भी देखा गया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईयू व्यापार आयुक्त मारोश शेफचोविच के बीच बातचीत के दौरान जयशंकर ने कमिश्नर की टाई में कुछ इंगित किया, जिस पर दोनों नेता हंसते हुए नजर आए। यह दृश्य गंभीर वार्ताओं के बीच दोस्ताना माहौल और बढ़ते विश्वास का प्रतीक बन गया।
सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी मौजूद रहे। इस समझौते से लगभग 2 अरब लोगों के बाजार को एकजुट किया जाएगा और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक अवसरों में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह FTA समृद्धि, स्थिरता और नवाचार के नए अवसर पैदा करेगा और दोनों लोकतंत्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और करीब लाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों, टेक्नोलॉजी और निवेश में बढ़त के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा।
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