मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दादा बन गए हैं। उन्होंने अपनी पोती का नाम ‘इला’ रखा है। नवजात को देखते ही शिवराज सिंह चौहान ने उसकी पहली रस्म के रूप में कान में गायत्री मंत्र पढ़ा, जो हिंदू परंपरा में नवजात शिशु के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
गायत्री मंत्र हिंदू धर्म में ज्ञान, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इसे शिशु के कान में पढ़ने से माना जाता है कि बच्चा सकारात्मक विचारों और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ बड़ा होगा। ज्योतिष और संस्कृत शास्त्रों के अनुसार, मंत्र का यह उच्चारण नवजात के मस्तिष्क और मानसिक विकास में भी लाभकारी माना जाता है।
शिवराज सिंह चौहान ने पोती के जन्म पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का बेहद सुखद अनुभव है। उन्होंने सभी को नवजात की सुरक्षा, स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की।
इस अवसर पर परिवार और करीबी दोस्त भी मौजूद थे। शिशु के कान में मंत्र पढ़ने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नवजात के जीवन में यह पहला मंत्र शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक शक्ति लाने का कार्य करता है। शिवराज सिंह चौहान की पोती ‘इला’ के लिए यह परंपरा एक शुभ आरंभ और आशीर्वाद के रूप में देखी जा रही है।
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