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WHRO ने शुरू किया तीन माह का मानवाधिकार प्रशिक्षण कोर्स, MEDIA MASTER ऐप पर मिलेगा ऑनलाइन अध्ययन

 


नई दिल्ली।मानवाधिकारों के क्षेत्र में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (WHRO) ने मानवाधिकार शिक्षा को आमजन तक पहुँचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए तीन महीने का Human Rights Certificate Course शुरू किया है। यह कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से MEDIA MASTER ऐप पर संचालित किया जाएगा, जिससे देश और दुनिया के इच्छुक प्रतिभागी घर बैठे मानवाधिकारों से जुड़ा व्यवस्थित प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (WHRO) एक अंतरराष्ट्रीय, स्वायत्त, स्वैच्छिक, गैर-सरकारी, गैर-राजनीतिक और गैर-लाभकारी संगठन है, जो भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में वंचित और उपेक्षित समुदायों के मानवाधिकारों की रक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संगठन का उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक न्याय, समानता और मानवीय गरिमा पहुँचाना है, जिनकी आवाज़ अक्सर मुख्यधारा से बाहर रह जाती है।

वर्ष 2021 में स्थापित WHRO का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और वर्तमान में यह संगठन 17 देशों तथा भारत के 26 राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संगठन द्वारा मानवाधिकार जागरूकता अभियानों, निःशुल्क कानूनी सहायता कार्यक्रमों, प्रशिक्षण कार्यशालाओं और सामाजिक कल्याण परियोजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

WHRO भारत सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के साथ विधिवत पंजीकृत है, जिनमें भारत सरकार, नीति आयोग, एमएसएमई, ई-अनुदान और सीएसआर अनुपालन शामिल हैं। इसके साथ ही संगठन को आयकर विभाग से 12A एवं 80G प्रमाणन प्राप्त है, जो इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर WHRO संयुक्त राष्ट्र की Civil Society Branch से भी संबद्ध है।

MEDIA MASTER ऐप पर शुरू किया गया यह तीन माह का मानवाधिकार कोर्स छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, पत्रकारों, एनजीओ से जुड़े लोगों और मानवाधिकारों में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जा रहा है। इस कोर्स के माध्यम से प्रतिभागियों को मानवाधिकार कानून, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल अधिकार, कानूनी जागरूकता और व्यावहारिक मानवाधिकार कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

WHRO का मानना है कि न्याय, समानता और मौलिक अधिकार केवल कानूनी शब्द नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इसी सोच के साथ संगठन मानवाधिकार शिक्षा को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक स्तर तक पहुँचाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

मानव गरिमा, न्याय और समानता के लिए WHRO आज भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक सशक्त और भरोसेमंद मंच के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

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