स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक नया साइबर खतरा सामने आया है। अब ठग सिर्फ फर्जी कॉल, मैसेज या लिंक के जरिए ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भी लोगों को निशाना बना रहे हैं। एक छोटी सी लापरवाही आपकी निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकती है।
1️⃣ AI वॉइस क्लोनिंग – ठग किसी परिचित व्यक्ति (दोस्त, रिश्तेदार या अधिकारी) की आवाज की नकल कर इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगते हैं।
2️⃣ डीपफेक वीडियो कॉल – नकली वीडियो के जरिए भरोसा जीतकर ओटीपी या बैंक जानकारी हासिल की जाती है।
3️⃣ स्मार्ट फिशिंग मैसेज – AI से तैयार किए गए मैसेज इतने असली लगते हैं कि लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं।
4️⃣ सोशल मीडिया डेटा स्कैनिंग – आपकी प्रोफाइल से जानकारी जुटाकर पर्सनलाइज्ड ठगी की कोशिश की जाती है।
अनजान लिंक पर क्लिक करना
कॉल पर ओटीपी या बैंक डिटेल साझा करना
वीडियो कॉल पर बिना पुष्टि भरोसा करना
संदिग्ध ऐप डाउनलोड करना
इनमें से कोई भी कदम आपकी निजी जानकारी लीक कर सकता है।

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