गुजराती फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री Mona Thiba के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। राजकोट में अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा कि “वेश्यावृत्ति एक प्रकार की सामाजिक सेवा है” और इससे जुड़ी महिलाएं परोक्ष रूप से समाज की मदद करती हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न संगठनों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
अभिनेत्री के अनुसार, यदि यह पेशा न हो तो समाज में गंभीर अपराधों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, उनके इस तर्क की कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने कड़ी आलोचना की है। ‘विज्ञान जाथा’ के चेयरमैन Jayant Pandya ने इसे “मूर्खतापूर्ण” बताते हुए कहा कि किसी भी अनैतिक माने जाने वाले व्यवसाय की तुलना समाज सेवा से करना उचित नहीं है। वहीं लेउवा पाटीदार समाज के नेता Parsottam Pipaliya ने बयान को अत्यंत निंदनीय बताया और अभिनेत्री से सार्वजनिक स्पष्टीकरण या माफी की मांग की है।
बताया जा रहा है कि मोना थीबा इन दिनों 27 फरवरी को रिलीज होने वाली गुजराती फिल्म ‘शक्ति’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। हालांकि फिल्म की कहानी और इस बयान के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। फिलहाल उनके इस बयान ने बहस को जन्म दे दिया है और विरोध का स्वर तेज होता जा रहा है।
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