अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों की सैलरी अलग-अलग होती है। दरअसल, संसद के दोनों सदनों — Rajya Sabha और Lok Sabha — के सदस्यों को समान वेतन और भत्ते मिलते हैं। यानी राज्यसभा सांसद को लोकसभा सांसद से न तो कम और न ही ज्यादा सैलरी मिलती है।
1 अप्रैल 2023 से लागू संशोधन के बाद सांसदों का मूल वेतन 1,24,000 रुपये प्रतिमाह है। इसके अलावा उन्हें संसद सत्र के दौरान प्रतिदिन उपस्थिति भत्ता भी दिया जाता है। सांसदों को वेतन के अतिरिक्त कई तरह के भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें कार्यालय व्यय भत्ता, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, यात्रा भत्ता और दिल्ली में सरकारी आवास शामिल हैं।
कुल मिलाकर, वेतन और भत्तों को जोड़ने पर सांसदों को हर महीने अच्छी-खासी राशि मिलती है। हालांकि, मूल वेतन दोनों सदनों के लिए समान है और इसमें कोई अंतर नहीं किया गया है।
सांसदों की सैलरी और भत्तों का निर्धारण संसद द्वारा पारित कानून के तहत होता है, और समय-समय पर इसमें संशोधन भी किया जाता है। इसलिए यह स्पष्ट है कि राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों के वेतन में कोई भेदभाव नहीं है।
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