बीजिंग. चीन ने दुनिया के पहले छठी पीढ़ी के फाइटर जेट को लेकर बड़ा दावा करते हुए इसकी संभावित तस्वीरें सामने आने की बात कही है. इस फाइटर जेट को पश्चिमी और यूरोपीय रक्षा विशेषज्ञ J-36 या J-XX के नाम से पहचान रहे हैं. माना जा रहा है कि यह चीन का अब तक का सबसे उन्नत और खतरनाक लड़ाकू विमान हो सकता है, जो अमेरिका के F-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर जेट को कड़ी चुनौती देने की क्षमता रखता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह छठी पीढ़ी का फाइटर जेट स्टेल्थ टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाइपरसोनिक हथियारों और अत्याधुनिक सेंसर सिस्टम से लैस हो सकता है. जानकारों का मानना है कि इसमें बिना पायलट और पायलट के साथ उड़ान भरने की क्षमता (Optional Manned Capability) भी हो सकती है, जो इसे पारंपरिक फाइटर जेट्स से कहीं आगे ले जाती है.
इस जेट की अनुमानित रेंज 8,000 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है, जिससे यह लंबी दूरी तक बिना रिफ्यूलिंग के मिशन को अंजाम दे सकता है. अगर यह आंकड़े सही साबित होते हैं, तो यह अमेरिकी F-35 से कहीं ज्यादा लंबी मारक क्षमता वाला विमान होगा. इसके अलावा, इसमें नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर और ड्रोन कंट्रोल जैसी क्षमताएं भी शामिल होने की उम्मीद है.
हालांकि, चीन ने अभी तक इस फाइटर जेट की आधिकारिक तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह तस्वीरें और दावे चीन की सैन्य ताकत का प्रदर्शन हो सकते हैं. फिर भी, अगर यह प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल होता है, तो वैश्विक सैन्य संतुलन पर इसका गहरा असर पड़ सकता है और अमेरिका समेत कई देशों की चिंता बढ़ना तय माना जा रहा है.
.jpg)
Comments
Post a Comment