भारत की रक्षा कूटनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां फ्रांस से Dassault Rafale लड़ाकू विमान सौदे पर सहयोग बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर फ्रांस ने भारत के स्वदेशी Pinaka रॉकेट सिस्टम में गहरी रुचि दिखाई है। इसे भारत का रणनीतिक ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है।
पिनाका एक मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) प्रणाली है, जिसे भारत ने स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है। यह कम समय में कई रॉकेट दागने में सक्षम है और दुश्मन के बड़े इलाकों को सटीकता से निशाना बना सकता है। इसकी मारक क्षमता और मोबाइल प्लेटफॉर्म इसे आधुनिक युद्ध के लिए बेहद प्रभावी बनाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक पिनाका अमेरिकी M142 HIMARS और रूसी Tornado-S जैसी प्रणालियों को कड़ी टक्कर देता है। लागत के लिहाज से भी यह अधिक किफायती माना जाता है।
फ्रांस का पिनाका में रुचि दिखाना भारत के रक्षा निर्यात के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब तक भारत मुख्य रूप से हथियार आयातक रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का निर्यात बढ़ा है। यदि फ्रांस पिनाका को अपनाता है, तो यह भारतीय रक्षा उद्योग की वैश्विक साख को मजबूत करेगा।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह संभावित सहयोग यूरोप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन को नया आयाम दे सकता है। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा साझेदारी पहले से मजबूत है, और पिनाका सौदा इसे और गहरा कर सकता है।
कुल मिलाकर, स्वदेशी पिनाका सिस्टम का वैश्विक मंच पर उभरना भारत के आत्मनिर्भर रक्षा अभियान के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
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