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कल निकलेगी भव्य शोभायात्रा, आज मार्ग आमंत्रण से शहरवासियों को दिया जाएगा निमंत्रण


  उदयपुर,

भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति द्वारा चेटीचंड पर्व के उपलक्ष्य में भगवान झूलेलाल की आरती के साथ नववर्ष उत्सव की शुरुआत की गई। झूलेलाल मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भगवान झूलेलाल का पूजन कर नववर्ष की मंगलकामनाएं की गईं। इस अवसर पर धनराज, विष्णु, डॉ. परमवीर सिंह दुलावत सहित समिति के सदस्यों ने शोभायात्रा का शुभारंभ किया।

इसके पश्चात सूरजपोल स्थित समिति के कार्यालय का उद्घाटन हेमेन्द्र श्रीमाली एवं मातृशक्ति के करकमलों से किया गया। उद्घाटन के बाद आयोजित बैठक में आगामी शोभायात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न जिम्मेदारियां समिति के सदस्यों को सौंपी गईं।

बैठक के उपरांत भारतीय नववर्ष के प्रचार-प्रसार के लिए भगवा रथ को रवाना किया गया। यह रथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नववर्ष का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगा और नागरिकों को नवसंवत्सर उत्सव से जोड़ने का कार्य करेगा।

समिति के सदस्यों द्वारा 21 मार्च को मार्ग आमंत्रण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को भव्य शोभायात्रा में सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया जाएगा।

समिति ने बताया कि 22 मार्च को दोपहर 3 बजे भंडारी दर्शक मंडप (गांधी ग्राउंड) से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर निगम प्रांगण तक पहुंचेगी।

शोभायात्रा में संत-महात्माओं का सानिध्य, मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी तथा विभिन्न समाजों की आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। इसके पश्चात टाउन हॉल में धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां संत-महात्माओं के आशीर्वचन प्राप्त होंगे।

सायंकाल आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में रेपरिया बालम फेम कलाकार अशोक मंडा विश्नोई की विशेष प्रस्तुति होगी, जो विशेष रूप से युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।

समिति ने उदयपुरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा और धर्मसभा में शामिल होकर भारतीय नववर्ष उत्सव को सफल बनाएं।

भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति इस वर्ष नवसंवत्सर उत्सव को “पंच परिवर्तन” के संकल्प के साथ मना रही है। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और भारतीय जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है।

  • स्व का भाव: अपनी संस्कृति, इतिहास, परंपरा और भारतीय ज्ञान पर गर्व का भाव जागृत करना।
  • सामाजिक समरसता: समाज के सभी वर्गों में एकता, समानता और सद्भाव को बढ़ावा देना।
  • पर्यावरण संरक्षण: जल, वृक्ष और प्रकृति के संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना।
  • कुटुंब प्रबोधन: परिवार में संस्कार, नैतिकता और पारिवारिक एकता को सुदृढ़ करना।
  • नागरिक कर्तव्य: राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहकर समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना।

समिति का उद्देश्य है कि इन पांचों विषयों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़े और भारतीय नववर्ष को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के माध्यम के रूप में स्थापित किया जाए।

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