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चांदी तीन दिन में ₹34,000 उछली; ₹2.77 लाख प्रति किलो पर — सोना ₹1.42 लाख/10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर

 


सोने और चांदी की कीमतों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार, 14 जनवरी 2026 को दोनों कीमती धातुएं लगातार तीसरे दिन अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 14,145 रुपए बढ़कर ₹2,77,175 हो गई। इससे पहले 13 जनवरी को चांदी ने ₹2,63,032 का रिकॉर्ड बनाया था।

पिछले तीन दिनों में चांदी ₹34,000 से ज्यादा महंगी हो चुकी है, जो निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों के लिए बड़ा संकेत है।

वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत भी नए शिखर पर पहुंच गई है। 10 ग्राम सोना ₹1,868 बढ़कर ₹1,42,152 पर खुला, जबकि एक दिन पहले यह ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम था।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों अलग?

IBJA द्वारा जारी सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता, इसलिए अलग-अलग शहरों में रिटेल दाम अलग दिखते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि RBI इन्हीं IBJA रेट्स के आधार पर Sovereign Gold Bond (SGB) की कीमत तय करता है, और कई बैंक गोल्ड लोन के लिए भी इन्हीं दरों को संदर्भ मानते हैं।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी

पिछले साल यानी 2025 में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड रिटर्न दिया।

  • सोना:
    31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना ₹76,162 था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹1,33,195 हो गया — यानी ₹57,033 (75%) की वृद्धि

  • चांदी:
    31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86,017 थी, जो 2025 के अंत तक ₹2,30,420 पहुंच गई — यानी ₹1,44,403 (167%) की जबरदस्त तेजी

सोने में तेजी के तीन बड़े कारण

1) डॉलर कमजोर हुआ
अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोना रखना सस्ता पड़ा और मांग बढ़ी।

2) जियोपॉलिटिकल तनाव
रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना खरीद रहे हैं।

3) रिजर्व बैंकों की खरीदारी
चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक सालाना 900 टन से ज्यादा सोना खरीद रहे हैं, जिससे वैश्विक मांग बढ़ी है।

चांदी में तेजी के तीन बड़े कारण

1) इंडस्ट्रियल डिमांड
सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में चांदी का भारी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे मांग तेजी से बढ़ी है।

2) ट्रंप टैरिफ का डर
अमेरिकी कंपनियां संभावित टैरिफ के कारण पहले से ही चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे सप्लाई कम हुई।

3) मैन्युफैक्चरर्स की होड़
आपूर्ति बाधित होने के डर से कंपनियां पहले ही बड़ी मात्रा में चांदी खरीद रही हैं, जिससे कीमतें और ऊपर गईं।

असली चांदी की पहचान करने के 4 आसान तरीके

1) मैग्नेट टेस्ट:
असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो नकली हो सकती है।

2) आइस टेस्ट:
चांदी पर बर्फ रखें — असली चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है।

3) स्मेल टेस्ट:
असली चांदी में कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली में तांबे जैसी गंध आ सकती है।

4) क्लॉथ टेस्ट:
सफेद कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आए, तो चांदी असली है।

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