Skip to main content

10-Min Delivery पर ब्रेक! सरकार की सख्ती के बाद बदले Blinkit, Swiggy और Zepto के तेवर


 क्विक कॉमर्स की दुनिया में “10 मिनट डिलीवरी” का दौर अब धीमा पड़ता दिख रहा है। अगर आप Blinkit, Zepto या Swiggy Instamart जैसे ऐप्स पर मिनटों में ग्रॉसरी मंगवाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है।

गोल्डमैन सैक्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टॉप 150 शहरों में क्विक कॉमर्स का बाजार करीब 235 अरब डॉलर का है और यह सेक्टर 2025 से 2030 के बीच 35–40 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ सकता है। बावजूद इसके, सरकार की सख्ती और डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों ने इस इंडस्ट्री को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है।

Blinkit के बाद अब Zepto, Swiggy Instamart और Flipkart Minutes ने भी अपने ब्रांडिंग से “10 मिनट डिलीवरी” के दावे को लगभग हटा लिया है। इससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या भारत में 10 मिनट डिलीवरी का दौर खत्म होने वाला है?

सरकार की सख्ती ने बदला खेल

पिछले हफ्ते केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने क्विक कॉमर्स कंपनियों के साथ एक अहम बैठक की। इसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कंपनियां डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। खासतौर पर “10 मिनट डिलीवरी” जैसे वादों पर चिंता जताई गई, क्योंकि इससे राइडर्स पर अत्यधिक समय का दबाव पड़ता है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ता है।

इस चेतावनी के बाद कंपनियों ने रातों-रात अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी में बदलाव शुरू कर दिया।

Blinkit, Zepto और Swiggy के नए टैगलाइन

• Blinkit — पहले ऐप पर लिखा था “10,000+ प्रोडक्ट्स 10 मिनट में डिलीवर”, अब इसे बदलकर “30,000+ प्रोडक्ट्स आपके दरवाजे तक” कर दिया गया है।

• Zepto — अब “10 मिनट” की जगह “Groceries in minutes” यानी “मिनटों में ग्रॉसरी” का दावा कर रहा है।

• Swiggy Instamart — 10 मिनट का जिक्र हटाकर अब “Groceries and More” यानी “ग्रॉसरी और बहुत कुछ” को अपना नया चेहरा बनाया है।

• हालांकि, Tata Group की BigBasket अभी भी खुद को “10 min grocery app” बताने पर कायम है।

10 मिनट डिलीवरी पर क्यों उठे सवाल?

नए साल की पूर्व संध्या पर देशभर में गिग वर्कर्स ने बड़े स्तर पर हड़ताल की थी। डिलीवरी पार्टनर्स ने अपनी सुरक्षा, कम कमाई और सड़क जोखिम को लेकर विरोध जताया।

उनका कहना था कि 10 मिनट की डिलीवरी के दबाव में उन्हें तेज रफ्तार से वाहन चलाना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कई हादसों और मौतों के मामलों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया।

आगे क्या होगा?

सरकार अब क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए नए नियम और सुरक्षा दिशानिर्देश लाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में कंपनियां डिलीवरी समय के बजाय सुरक्षा, विश्वसनीयता और सर्विस क्वालिटी पर ज्यादा फोकस कर सकती हैं।

फिलहाल, “10 मिनट डिलीवरी” का दौर भले पूरी तरह खत्म न हो, लेकिन यह निश्चित रूप से पहले जैसा आक्रामक नहीं रहेगा।

Comments

© 2020 DNA NEWS DELHI

Designed by Open Themes & Nahuatl.mx.