मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धरती सदियों से आस्था, परंपरा और चमत्कारों के लिए जानी जाती रही है। जिले के छैगांवदेवी गांव में स्थित प्राचीन माता का मंदिर इन मान्यताओं का जीवंत प्रमाण माना जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह मंदिर करीब 700 साल पुराना है और यहां मां रेणुका सहित पांच देवियों का वास है।
गांववासियों के अनुसार, रेणुका चौदस के पावन अवसर पर माता स्वयं प्रकट होती हैं। इस दिन मंदिर में स्थापित माता की प्रतिमाएं रहस्यमय तरीके से लगभग एक फीट तक ऊंची हो जाती हैं। यह घटना हर साल श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित करती है और हजारों भक्त दूर-दूर से दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।
मंदिर परिसर में मां रेणुका के साथ मां बिजासनी, मां हिंगलाज, मां शीतला और खोखली मां की प्रतिमाएं विराजमान हैं। स्थानीय मान्यता है कि सच्चे मन से प्रार्थना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं।
इतिहासकारों का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर है, जबकि भक्त इसे देवी शक्ति का प्रत्यक्ष स्थल मानते हैं। रेणुका चौदस के दिन यहां विशाल मेला लगता है, भजन-कीर्तन होते हैं और पूरा गांव श्रद्धा के रंग में रंग जाता है।
छैगांवदेवी मंदिर आज भी खंडवा जिले की पहचान बना हुआ है, जहां आस्था और चमत्कार पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित हैं।
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