नई दिल्ली: इस बार के 77वें गणतंत्र दिवस पर भारत का चीफ गेस्ट कोई परंपरागत देश के नेता नहीं बल्कि यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेता होंगे। एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विशेष अवसर के लिए आमंत्रित किया है।
यह पहला मौका है जब किसी एक देश के बजाय EU के दो नेताओं को एक साथ रिपब्लिक डे पर न्योता दिया गया। इस कदम को कूटनीतिक विशेषज्ञ भारत की बदलती वैश्विक रणनीति और यूरोप के साथ मजबूत संबंधों का संकेत मान रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूरोप के बीच राजनीतिक और ट्रांसअटलांटिक रिश्तों में खटास बढ़ी है। वहीं, भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत निर्णायक मोड़ पर है। रक्षा, सुरक्षा, क्लीन एनर्जी और सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों की साझेदारी भी मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, EU के दोनों नेताओं को एक साथ न्योता देना न केवल परंपरा तोड़ने वाला है, बल्कि यह भारत के वैश्विक कूटनीतिक दांव और बदलते वैश्विक समीकरणों में अपनी रणनीति दिखाने का संकेत भी है।
इस प्रकार, इस बार का गणतंत्र दिवस न केवल भव्य समारोह का प्रतीक होगा बल्कि भारत के वैश्विक साझेदारियों और कूटनीतिक महत्व का भी ऐतिहासिक उदाहरण बन जाएगा।
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