नई दिल्ली: मौनी अमावस्या 2026 इस साल 18 जनवरी, रविवार को है। इसे माघ माह की कृष्ण पक्ष अमावस्या भी कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, यह दिन पितृ दोष शांति और पितरों को तृप्त करने का श्रेष्ठ समय माना जाता है।
पितृ दोष के कारण जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं—जैसे नौकरी या व्यवसाय में रुकावट, मानसिक तनाव और पारिवारिक उथल-पुथल। इस दिन स्नान, दान और पितृ शांति उपाय करने से दोष शांत होता है और जीवन में उन्नति, सुख और समृद्धि का मार्ग खुलता है।
काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, जिन लोगों को पितृ दोष है और जो गया नहीं जा सकते, उनके लिए त्रिपिंडी श्राद्ध सबसे प्रभावी उपाय है। इसमें तीन पिंड बनाए जाते हैं—एक ब्रह्मदेव के लिए, एक महादेव के लिए और एक यमराज के लिए। यह श्राद्ध करवा देने से पितर तृप्त होकर शांत हो जाते हैं और जीवन में बाधाएं दूर होती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि मौनी अमावस्या पर यदि व्यक्ति सही विधि से श्राद्ध, पिंडदान और दान करता है, तो पितरों की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। यह दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे अवश्य महत्व देना चाहिए।
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