: जिले के मखदुमपुर ऊंटा मोहल्ले में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने घरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अंचलाधिकारी सत्यम प्रिया के नेतृत्व में 11 मकानों को तोड़ा गया। यह कदम उन घर मालिकों के लिए झटका रहा, जिन्होंने सरकारी जमीन पर जल स्रोत की जगह पर मकान बनवाए थे।
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने 10 महीने पहले नोटिस जारी किया था और हाल ही में घरों पर लाल निशान लगाकर चेतावनी दी थी। बावजूद इसके कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
घर मालिकों का कहना है कि उन्होंने मकान बनाने में 30 लाख रुपए से अधिक खर्च किए हैं। "हमलोग गरीब हैं और कहां रहेंगे? हम घर खाली करने को तैयार हैं, लेकिन कोई विकल्प क्यों नहीं दिया गया?" एक महिला फूट-फूट कर रोती नजर आई। उन्होंने बताया कि वह और उनकी दिव्यांग बेटी अकेले रहती हैं और मकान टूटने के बाद उनका भविष्य अनिश्चित है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर चिंता जताई है। कई घर मालिक बेसहारा हैं और उनके पास कोई कमाने वाला नहीं है। इस कार्रवाई ने इलाके में भारी हड़कंप मचा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अवैध अतिक्रमण रोकना प्रशासन का कर्तव्य है, लेकिन गरीब और कमजोर वर्गों के लिए स्थानांतरण और पुनर्वास की योजना बनाना भी जरूरी है।
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