भारत अपने एयर डिफेंस सिस्टम को अगली पीढ़ी में ले जाने की तैयारी कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित
‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत देश अब एक
एंटी-स्टील्थ रडार ग्रिड विकसित कर रहा है, जो दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों और ड्रोन को भी पकड़ सकेगा।
DRDO और रक्षा एजेंसियां ऐसी तकनीक पर काम कर रही हैं, जिससे F-35, चीन का J-35 और रूस का Su-57 जैसे 5th जेनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट भी रडार से बच नहीं पाएंगे। यह सिस्टम पारंपरिक एयर डिफेंस जैसे अमेरिका के THAAD और इजरायल के Iron Dome से भी ज्यादा एडवांस माना जा रहा है।
चीन के पास बड़ी संख्या में स्टील्थ एयरक्राफ्ट और ड्रोन होने के चलते भारत को नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए यह हाई-टेक रडार नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे किसी भी हवाई हमले को शुरुआती स्तर पर ही ट्रैक कर इंटरसेप्ट किया जा सके।
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