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रेकी से अपहरण तक की पूरी साजिश बेनकाब, 13 दिन बाद सुलझा कैरव गांधी किडनैपिंग केस


 जमशेदपुर. झारखंड के जमशेदपुर में हुए कैरव गांधी अपहरण कांड का पुलिस ने 13 दिन बाद बड़ा खुलासा किया है. 13 जनवरी को बिष्टुपुर इलाके से उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण की सनसनीखेज घटना को अंजाम दिया गया था. अब पुलिस ने बिहार के अलग-अलग जिलों से इस मामले में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है.

पुलिस के अनुसार, अपहरण की योजना कई महीने पहले ही बना ली गई थी. अक्टूबर से ही आरोपियों द्वारा कैरव गांधी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी और उनकी नियमित रेकी की जा रही थी. योजना को अंतिम रूप देने के बाद 13 जनवरी को अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार के गया, नालंदा और पटना से छह अपराधियों को गिरफ्तार किया.

गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो पिस्टल, छह जिंदा कारतूस और अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार भी बरामद की गई है. पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित बिहार-झारखंड गिरोह था, जिसमें स्थानीय नेटवर्क की भी भूमिका सामने आ रही है. अन्य फरार आरोपियों और स्थानीय सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है.

एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नालंदा, गया और पटना के रहने वाले अपराधी शामिल हैं, जो पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस कार्रवाई के बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली है.

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