पंजाब कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी की वरिष्ठ नेता नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया. पार्टी से इस्तीफा देने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर खुलकर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल कांग्रेस के इतिहास में सबसे ज्यादा विवादित और भ्रष्ट रहा है.
नवजोत कौर सिद्धू ने आरोप लगाया कि पार्टी में अब विचारधारा और ईमानदारी के लिए कोई जगह नहीं बची है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि चंद लोगों के इशारे पर फैसले लिए जा रहे हैं. इसी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का कठिन फैसला लिया.
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है. नवजोत कौर सिद्धू का कहना है कि कांग्रेस अब उस रास्ते से भटक चुकी है, जिसके लिए वह जानी जाती थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी के अंदर भ्रष्टाचार और गुटबाजी चरम पर है.
हालांकि, नवजोत कौर सिद्धू ने यह साफ नहीं किया है कि वह आगे किस राजनीतिक दल से जुड़ेंगी या सक्रिय राजनीति में बनी रहेंगी या नहीं. उनके इस फैसले के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह एक बार फिर सामने आ गई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए आगामी चुनावों से पहले नुकसानदायक साबित हो सकता है. वहीं कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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