दिल्ली: महज 15 दिनों में 800 से ज्यादा बच्चे गायब होने की खबर ने राजधानी में सनसनी फैला दी है। बुराड़ी के दो परिवारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 19 वर्षीय वसीम रजा और 16 वर्षीय ऋतिक झा अभी भी लापता हैं।
परिवारों का आरोप है कि पुलिस की सुस्ती और सीसीटीवी फुटेज जुटाने में देरी के कारण अहम सुराग लगातार मिट रहे हैं। वसीम चैन से सोया था, लेकिन अगली सुबह वह बिस्तर से गायब था। वहीं, ऋतिक, जो JEE की तैयारी कर रहा था, कुछ समय बाद लापता पाया गया।
दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस के नाक के नीचे इतने बच्चों का अचानक गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। माता-पिता की आँखें दरवाजों पर पथरा गई हैं, जबकि पुलिस फाइलें और लेटर लिखने में हफ्ते गुजार देती है। मेट्रो फुटेज और अन्य सुराग भी कई बार हमेशा के लिए गायब हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि उन माँ-बाप के दर्द और डर का सच है, जो हर रोज़ अपने बच्चों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। राजधानी अब बच्चों के लिए डरावना भूलभुलैया बनती जा रही है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन आम जनता और परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है।
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