गाजियाबाद: अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं और दिल्ली के पते पर पासपोर्ट बनवाते हैं, तो सावधान हो जाइए। हाल ही में गाजियाबाद में एक बड़े पासपोर्ट फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसमें एक ही पते और मोबाइल नंबर से 22 पासपोर्ट बनवा लिए गए। इस खेल में पोस्ट ऑफिस का पोस्टमैन भी शामिल था।
पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत गलत जानकारी देना अपराध है और इसके लिए भारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना के बाद नई सख्त गाइडलाइन लागू की है: अब पासपोर्ट केवल उस एड्रेस पर बनाया जाएगा, जहां आवेदक का कम से कम एक स्थायी पता हो।
बीते कुछ सालों से Apply Anywhere in India योजना के तहत देश के किसी भी कोने से पासपोर्ट बनवाना संभव था। लेकिन नई गाइडलाइन में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पुराने या फर्जी पते का इस्तेमाल अब नहीं किया जा सकता। अगर आप गाजियाबाद में रहते हैं और पहले दिल्ली में नौकरी या पढ़ाई के लिए रह चुके हैं, तो अब दिल्ली के पते पर पासपोर्ट बनवाना गैरकानूनी होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी जानकारी देने से न केवल आपका पासपोर्ट रद्द हो सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इसलिए सभी आवेदकों को अब अपने स्थायी पते का ही प्रमाण देना अनिवार्य होगा।
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