द: तीन बहनों की आत्महत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिवार गहरे सदमे में है और पिता ने भावुक होकर बताया कि बेटियों के दिमाग में लंबे समय से कोरिया जाने की जिद बनी हुई थी। उनका कहना है कि बेटियां अक्सर अपनी पहचान को लेकर भी नाराज़ रहती थीं और ‘इंडियन’ कहलाने पर गुस्सा जताती थीं।
पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में पारिवारिक और मानसिक दबाव जैसी संभावनाओं को भी देखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल डिवाइस और बातचीत के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
परिजनों और पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में अफवाहों से बचें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों और युवाओं में बढ़ते मानसिक दबाव को समझना और समय रहते काउंसलिंग उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो विश्वसनीय लोगों से बात करें और पेशेवर मदद लें—समय पर सहायता कई जिंदगियां बचा सकती है।

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