अर्जेंटीना: पैटागोनिया तट से सामने आई रिपोर्ट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। यहां हजारों पेंगुइन की मौत ने पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में यह मामला केवल किसी शिकारी हमले जैसा लगा, लेकिन गहन शोध में तस्वीर कहीं ज्यादा जटिल सामने आई।
वैज्ञानिकों के अनुसार, अर्जेंटीना के मोंटे लियोन नेशनल पार्क में चार साल की स्टडी के दौरान पता चला कि प्यूमा नाम का शिकारी जानवर बड़ी संख्या में पेंगुइन का शिकार कर रहा है। 2007 से 2010 के बीच करीब 7,000 से ज्यादा वयस्क पेंगुइन मारे गए, जो पूरी कॉलोनी की लगभग 7.6 प्रतिशत आबादी के बराबर है। कई पेंगुइन के शव अधखाए या बिना खाए मिले, जिसे विशेषज्ञ ‘सरप्लस किलिंग’ मान रहे हैं।
हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि असली खतरा सिर्फ शिकार नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, कमजोर प्रजनन दर और छोटे पेंगुइन की कम जीवित रहने की दर भी है। बदलते मौसम और पारिस्थितिकी तंत्र ने इन मासूम पक्षियों की आबादी को गंभीर संकट में डाल दिया है।
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह समस्या केवल पेंगुइन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पर्यावरण संतुलन के लिए खतरे का संकेत है।

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