बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हुए आम चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत दर्ज कर नई सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। पार्टी के नेता तारिक रहमान अब देश की सत्ता संभालने की स्थिति में हैं और उनकी चुनावी रणनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
चुनावी अभियान के दौरान BNP ने जनता से सीधे संवाद और जमीनी संपर्क पर खास जोर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस रणनीति में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के चर्चित ‘चाय पे चर्चा’ अभियान की झलक दिखाई दी। इसी तर्ज पर तारिक रहमान ने ‘चायेर अड्डा’ कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें आम लोगों, युवाओं और स्थानीय समुदायों से अनौपचारिक मुलाकातों के जरिए संवाद स्थापित किया गया।
बताया जा रहा है कि इस रणनीति का आइडिया उनकी बेटी जायमा रहमान ने दिया था, जिसने प्रचार अभियान को नया आयाम दिया। इन बैठकों ने जनता से जुड़ाव मजबूत किया और चुनाव परिणामों में इसका असर साफ दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत के बाद अब यह देखना अहम होगा कि नई सरकार देश की आंतरिक राजनीति, आर्थिक नीतियों और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को किस दिशा में आगे बढ़ाती है। ढाका की नई राजनीतिक दिशा पूरे दक्षिण एशिया की रणनीतिक स्थिति पर भी असर डाल सकती है।

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