महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एनसीपी (NCP) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान सुर्खियों में है। वरिष्ठ नेता शरद पवार और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के बीच राजनीतिक रणनीतियों को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। हालिया घटनाक्रम ने पार्टी के भविष्य और नेतृत्व को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद एनसीपी की राजनीति तेजी से बदलती नजर आई। उनके निधन के महज चार दिन बाद ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई गई। इस फैसले ने पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम में प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश एनसीपी नेता सुनील तटकरे की अहम भूमिका रही। अब खबरें हैं कि सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष पद पर बैठाने की तैयारी भी की जा रही है, जबकि प्रफुल्ल पटेल खुद अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए हैं। इसे शरद पवार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि शरद पवार चाहते थे कि एनसीपी के दोनों गुट और परिवार एक बार फिर एकजुट हो जाएं। अजित पवार भी कथित तौर पर पार्टी के पुनः एकीकरण के पक्ष में थे। लेकिन हालिया फैसलों से यह प्रक्रिया और मुश्किल होती दिख रही है।
अंदरूनी बदलावों और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों ने एनसीपी के भविष्य पर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले समय में पार्टी की दिशा और नेतृत्व संरचना क्या होगी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
.jpg)
Comments
Post a Comment