धनबाद। कोयलांचल की पहचान लंबे समय तक सिर्फ कोयले तक सीमित रही, लेकिन अब झरिया से एक ऐसी शख्सियत उभरकर सामने आई है, जो शिक्षा के जरिए इलाके की तस्वीर बदल रही है। झरिया के नवीन कुमार, जिन्हें छात्र प्यार से ‘खान सर’ कहकर बुलाते हैं, दिन में सरकारी नौकरी करते हैं और रात में सैकड़ों युवाओं को अफसर बनने का रास्ता दिखा रहे हैं।
नवीन कुमार पिछले 9 वर्षों से आयकर विभाग, धनबाद में कार्यरत हैं। रोजाना 8 घंटे की ड्यूटी पूरी करने के बाद भी उनका हौसला थकता नहीं। नौकरी के बाद वे झरिया के हटली बांध क्षेत्र पहुंचते हैं, जहां वे बिल्कुल मुफ्त कोचिंग के जरिए छात्रों को SSC, रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।
पिछले तीन वर्षों से वे अपने पिता की स्मृति में श्री शंभू कॉम्पिटेटिव क्लासेस का संचालन कर रहे हैं। इस संस्थान का उद्देश्य उन गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों को आगे बढ़ाना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। फिलहाल इस कोचिंग से करीब 600 छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं।
नवीन कुमार सुबह 7 से 9 बजे और शाम 7 से रात 10 बजे तक छात्रों को पढ़ाते हैं। उनकी कक्षाओं में सब्जी विक्रेताओं, ऑटो चालकों और दिहाड़ी मजदूरों के बच्चे बैठते हैं, जिनकी आंखों में जीएसटी इंस्पेक्टर, बैंक अफसर और रेलवे अधिकारी बनने के सपने हैं।
नवीन कुमार का मानना है कि शिक्षा सिर्फ करियर नहीं, बल्कि समाज को बदलने का सबसे मजबूत हथियार है। उनकी यह निस्वार्थ पहल झरिया ही नहीं, पूरे धनबाद जिले के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।
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