वास्तुकला की दुनिया में जहां ऊंची इमारतें और कांच से ढके टावर चर्चा में रहते हैं, वहीं हैदराबाद की एक अनोखी इमारत अपनी अलग पहचान बना चुकी है। राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) का मुख्यालय, जिसे आमतौर पर ‘मछली वाली बिल्डिंग’ कहा जाता है, अब दुनिया की सबसे अजीब और अनोखी इमारतों की सूची में शामिल हो गया है।
साल 2012 में तैयार हुई यह चार मंजिला इमारत पूरी तरह एक विशाल मछली के आकार में बनाई गई है। इसकी डिजाइन ‘मिमिक्री आर्किटेक्चर’ का शानदार उदाहरण है, जिसमें इमारत का स्वरूप उसके कार्य से मेल खाता है। चूंकि यह भवन मत्स्य पालन से जुड़े राष्ट्रीय संस्थान का मुख्यालय है, इसलिए इसे मछली का रूप दिया गया।
इस इमारत की बाहरी संरचना धातु की चमकदार परत से ढकी हुई है। इसके दोनों ओर बने पंख, आगे की ओर गोलाकार खिड़कियां और संपूर्ण आकृति इसे दूर से देखने पर एक विशाल मछली जैसा आभास देती है। खासतौर पर रात के समय, जब इस पर नीली रोशनी डाली जाती है, तो यह दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है—मानो शहर के बीचों-बीच कोई बड़ी मछली पानी में तैर रही हो।
अपनी अनोखी बनावट के कारण यह इमारत अब सिर्फ एक सरकारी कार्यालय नहीं, बल्कि हैदराबाद का प्रमुख पर्यटन आकर्षण भी बन चुकी है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और वास्तुकला के छात्र इस अनूठी रचना को देखने के लिए खास तौर पर यहां पहुंचते हैं। इस इमारत ने भारतीय वास्तुकला की रचनात्मकता को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाई है।
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